Blog

  • घर के अंदर के पॉल्यूशन लेवल को कम करने के लिए आप कुछ और नेचुरल किफायती तरीके भी आजमा सकते हैं।

    घर के अंदर के पॉल्यूशन लेवल को कम करने के लिए आप कुछ और नेचुरल किफायती तरीके भी आजमा सकते हैं।

    घर के अंदर के पॉल्यूशन लेवल को कम करने के लिए आप कुछ और नेचुरल किफायती तरीके भी आजमा सकते हैं।

    घरों में लोग महंगे-महंगे एयर प्यूरीफायर लगाते हैं, तब जाकर कहीं अच्छी सांस आती हैं, हालांकि घर के अंदर के पॉल्यूशन लेवल को कम करने के लिए आप कुछ और नेचुरल किफायती तरीके भी आजमा सकते हैं। दरअसल कुछ ऐसे पौधे भी होते हैं, जिन्हें घर में लगाने से प्रदूषण का स्तर कम होता हैं और हवा प्राकृतिक रूप से प्यूरीफाई होती हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही पौधों के बारे में :–

    घर के अंदर के पॉल्यूशन लेवल को कम करने के लिए आप कुछ और नेचुरल किफायती तरीके भी आजमा सकते हैं।
    घर के अंदर के पॉल्यूशन लेवल को कम करने के लिए आप कुछ और नेचुरल किफायती तरीके भी आजमा सकते हैं।

    1. पीस लिली (Peace Lily):- जैसा इस पौधे का नाम हैं, ठीक वैसा ही इसका काम भी हैं।

    सफेद रंग के फूलों वाला यह पौधा, जिस भी जगह पर लगाया जाता हैं, उस जगह के वातावरण को पूरी तरह से शुद्ध कर देता हैं। लिली परिवार के इस पौधे की खुशबू भी बहुत ही अच्छी होती हैं। आज के समय में जब हर जगह एयर पॉल्यूशन इतना बढ़ गया हैं, ऐसे में घर में इस पौधे को लगाकर काफी हद तक हवा को शुद्ध किया जा सकता हैं। यह एक इंडोर पौधा हैं जिसे ज्यादा देख-रेख की जरूरत नहीं पड़ती।

    2. स्नेक प्लांट (Sansevieria):- इसे बेडरूम प्लांट, मदर-इन-लॉ टंग प्लांट या सेन्सेविरिया आदि कई नामों से जाना जाता हैं।

    यह भी एक तरह का इनडोर प्लांट हैं, जिसे घर के लिविंग रूम में बहुत आसानी से लगाया जा सकता हैं। यह प्लांट एयर पॉल्यूशन को कम करके हवा को शुद्ध करने का काम करता हैं। इस प्लांट से जुड़ी सबसे खास बात यह हैं कि ये रात में भी एयर में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड को सोखकर ऑक्सीजन प्रोड्यूस करने का काम करता हैं।

    3. मनी प्लांट (Pothos):- यह सबसे पॉपुलर इंडोर प्लांट्स में से एक हैं,

    जो लगभग हर घर और ऑफिस में देखने को मिल ही जाता हैं। बता दें ये भी एक बहुत ही अच्छा एयर प्यूरीफायर प्लांट हैं। ये प्लांट हवा में मौजूद टॉक्सिक एलिमेंट को अब्जॉर्ब करके हवा को शुद्ध बनाने में मदद करता हैं। इसे मिट्टी और पानी दोनों में लगा सकते हैं।

    4. एरिका पाम (Areca Palm):- यह घरों में सबसे ज्यादा लगाए जाने वाला पौधा हैं।

    इसकी बड़ी-बड़ी पत्तियाँ देखने में बहुत ही खूबसूरत लगती हैं। घर में बड़ी ही आसानी से लगने वाला यह पौधा आस-पास के वातावरण के लिए बहुत ही अच्छा होता हैं। यह पौधा जिस भी जगह पर लगा होता हैं वहां की हवाओं से फॉर्मेल्डिहाइड, कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैसों को अब्जॉर्ब करने का काम करता हैं। जिससे हवा फ्रेश और टॉक्सिन फ्री बनी रहती हैं।

    5. जी जी प्लांट (ZZ plant):- यह एक बेस्ट एयर प्यूरीफायर इनडोर प्लांट हैं।

    कम रोशनी और कम पानी में इसे आसानी से घर के अंदर लगाया जा सकता हैं। यह प्लांट जिस भी जगह पर लगाया जाता हैं उस जगह की एयर में मौजूद सभी टॉक्सिक गैसे जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड और फॉर्मेल्डिहाइड गैस को अब्जॉर्ब करके हवा को शुद्ध करने का काम करता हैं। और पढ़ें – 9 नवंबर 1928 को पंजाब में जन्मे दारा सिंह अपने समय के विश्व प्रसिद्ध फ्रीस्टाइल पहलवान थे।

  • 9 नवंबर 1928 को पंजाब में जन्मे दारा सिंह अपने समय के विश्व प्रसिद्ध फ्रीस्टाइल पहलवान थे।

    9 नवंबर 1928 को पंजाब में जन्मे दारा सिंह अपने समय के विश्व प्रसिद्ध फ्रीस्टाइल पहलवान थे।

    9 नवंबर 1928 को पंजाब में जन्मे दारा सिंह अपने समय के विश्व प्रसिद्ध फ्रीस्टाइल पहलवान थे।

    उनकी कुश्ती का सफर गांव के मेले से शुरू हुआ, जहां उनकी ताकत और कुश्ती कौशल को देखकर लोग हैरान रह जाते थे। 1959 में, जब कनाडा के वर्ल्ड चैंपियन जॉर्ज गार्डीयांका और न्यूजीलैंड के जॉन डिसिल्वा ने दारा सिंह को चुनौती दी, तो कोलकाता में आयोजित कॉमनवेल्थ कुश्ती चैंपियनशिप में उन्होंने इन दोनों को हराकर अपना लोहा मनवाया।

    9 नवंबर 1928 को पंजाब में जन्मे दारा सिंह अपने समय के विश्व प्रसिद्ध फ्रीस्टाइल पहलवान थे।
    9 नवंबर 1928 को पंजाब में जन्मे दारा सिंह अपने समय के विश्व प्रसिद्ध फ्रीस्टाइल पहलवान थे।

    दारा सिंह का सबसे यादगार मुकाबला तब हुआ जब उन्होंने अपने से ज्यादा वजन वाले पहलवान किंग कॉन्ग को हराया।

    9 नवंबर 1928 को पंजाब में जन्मे दारा सिंह अपने समय के विश्व प्रसिद्ध फ्रीस्टाइल पहलवान थे।
    9 नवंबर 1928 को पंजाब में जन्मे दारा सिंह अपने समय के विश्व प्रसिद्ध फ्रीस्टाइल पहलवान थे।

    रांची में हुए इस मुकाबले में 130 किलो के दारा सिंह ने 200 किलो के किंग कॉन्ग को पटखनी देकर रिंग से बाहर फेंक दिया। उनकी यह जीत आज भी कुश्ती के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है।

    9 नवंबर 1928 को पंजाब में जन्मे दारा सिंह अपने समय के विश्व प्रसिद्ध फ्रीस्टाइल पहलवान थे।
    9 नवंबर 1928 को पंजाब में जन्मे दारा सिंह अपने समय के विश्व प्रसिद्ध फ्रीस्टाइल पहलवान थे।

    दारा सिंह न केवल कुश्ती में, बल्कि भारतीय सिनेमा में भी अपनी छाप छोड़ने वाले पहले पहलवानों में से एक थे।

    किंग कॉन्ग,’ ‘रसगुल्ला,’ और ‘धरती का लाल‘ जैसी फिल्मों में उन्होंने अपने कुश्ती के हुनर और अभिनय का जादू बिखेरा।
    उनका सबसे चर्चित किरदार ‘रामायण‘ में हनुमान का था, जिसने उन्हें हर घर में लोकप्रिय बना दिया।

    9 नवंबर 1928 को पंजाब में जन्मे दारा सिंह अपने समय के विश्व प्रसिद्ध फ्रीस्टाइल पहलवान थे।
    9 नवंबर 1928 को पंजाब में जन्मे दारा सिंह अपने समय के विश्व प्रसिद्ध फ्रीस्टाइल पहलवान थे।

    उनकी मेहनत, संकल्प और समर्पण ने यह साबित कर दिया कि असंभव को संभव बनाया जा सकता है।

    दारा सिंह की कहानी संघर्ष और सफलता की अद्वितीय मिसाल है।

    उनकी अविश्वसनीय दृढ़ता और ताकत ने उन्हें एक ऐसा स्थान दिलाया, जो हमेशा दिलों में जिंदा रहेगा। उनके जीवन से हमें यह सीखने को मिलता है कि सच्चे जज्बे और मेहनत से हर चुनौती को पार किया जा सकता है। और पढ़ें – संचिता बसु बिहार के भागलपुर जिले से ताल्लुक रखने वाली एक उभरती हुई अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं।

    उनकी मेहनत, संकल्प और समर्पण ने यह साबित कर दिया कि असंभव को संभव बनाया जा सकता है।

    9 नवंबर 1928 को पंजाब में जन्मे दारा सिंह अपने समय के विश्व प्रसिद्ध फ्रीस्टाइल पहलवान थे।
    9 नवंबर 1928 को पंजाब में जन्मे दारा सिंह अपने समय के विश्व प्रसिद्ध फ्रीस्टाइल पहलवान थे।

    दारा सिंह एक बहुत अच्छे पहलवान और एक्टर थे उनके जैसे कोई और नहीं होगा अगर आप भी दारा सिंह जी को पसंद करते है तो इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोग के साथ शेयर कीजिए

    आपका क्या राय है कमेंट कीजिए

  • संचिता बसु बिहार के भागलपुर जिले से ताल्लुक रखने वाली एक उभरती हुई अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं।

    संचिता बसु बिहार के भागलपुर जिले से ताल्लुक रखने वाली एक उभरती हुई अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं।

    संचिता बसु बिहार के भागलपुर जिले से ताल्लुक रखने वाली एक उभरती हुई अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। उनका जन्म 24 मार्च 2004 को हुआ था।

    संचिता बसु बिहार के भागलपुर जिले से ताल्लुक रखने वाली एक उभरती हुई अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं।
    संचिता बसु बिहार के भागलपुर जिले से ताल्लुक रखने वाली एक उभरती हुई अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं।

    संचिता का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ। उनके पिता सुरेंद्र यादव और माता बिना देवी हैं।

    उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा माउंट कार्मेल स्कूल, भागलपुर से पूरी की। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने सोशल मीडिया पर कंटेंट क्रिएशन में भी रुचि दिखाई।

    संचिता बसु बिहार के भागलपुर जिले से ताल्लुक रखने वाली एक उभरती हुई अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं।
    संचिता बसु बिहार के भागलपुर जिले से ताल्लुक रखने वाली एक उभरती हुई अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं।

    संचिता ने अपने करियर की शुरुआत टिकटॉक पर डांसिंग, लिप-सिंक और कॉमेडी वीडियो बनाकर की।

    उनकी प्रतिभा और बिहारी अंदाज ने उन्हें कम समय में ही लोकप्रिय बना दिया, जिससे उनके लाखों फॉलोअर्स हो गए। टिकटॉक पर प्रतिबंध के बाद, उन्होंने इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर अपनी सक्रियता बढ़ाई और वहां भी बड़ी संख्या में प्रशंसक जुटाए।

    संचिता की सोशल मीडिया पर बढ़ती लोकप्रियता ने फिल्म निर्माताओं का ध्यान आकर्षित किया।

    उन्होंने 2022 में तेलुगु फिल्म “फर्स्ट डे फर्स्ट शो” से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई। यह फिल्म भारत और विदेशों में सराही गई।

    संचिता बसु बिहार के भागलपुर जिले से ताल्लुक रखने वाली एक उभरती हुई अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं।
    संचिता बसु बिहार के भागलपुर जिले से ताल्लुक रखने वाली एक उभरती हुई अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं।

    2024 में, संचिता ने वेब सीरीज “ठुकरा के मेरा प्यार” से ओटीटी प्लेटफॉर्म पर डेब्यू किया।

    यह रोमांटिक ड्रामा सीरीज दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुई और संचिता की अभिनय क्षमता की व्यापक सराहना हुई।

    संचिता बसु बिहार के भागलपुर जिले से ताल्लुक रखने वाली एक उभरती हुई अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं।
    संचिता बसु बिहार के भागलपुर जिले से ताल्लुक रखने वाली एक उभरती हुई अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं।

    2024 तक, संचिता की अनुमानित कुल संपत्ति 4 से 4.5 करोड़ रुपये है।

    वे ब्रांड एंडोर्समेंट, सोशल मीडिया प्रमोशन, फिल्मों और वेब सीरीज से आय अर्जित करती हैं। किसी भी ब्रांड प्रमोशन के लिए वे 8 से 10 लाख रुपये तक शुल्क लेती हैं।

    संचिता बसु वर्तमान में अपने करियर पर केंद्रित हैं और किसी भी अफेयर या रिश्ते की जानकारी सार्वजनिक नहीं है।

    वे अपने परिवार के साथ समय बिताना पसंद करती हैं और सोशल मीडिया पर अपने प्रशंसकों के साथ जुड़ी रहती हैं।

    संचिता बसु की सफलता की कहानी प्रेरणादायक है, जिसमें उन्होंने एक छोटे से गांव से निकलकर अपने प्रतिभा और मेहनत के बल पर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई है। और पढ़ें – सूर्यकुमार यादव की वाइफ का नाम देविशा है, दोनों की मुलाकात साल 2012 में हुई थी।

  • सूर्यकुमार यादव की वाइफ का नाम देविशा है, दोनों की मुलाकात साल 2012 में हुई थी।

    सूर्यकुमार यादव की वाइफ का नाम देविशा है, दोनों की मुलाकात साल 2012 में हुई थी।

    सूर्यकुमार यादव की वाइफ का नाम देविशा है, दोनों की मुलाकात साल 2012 में हुई थी।

    सूर्यकुमार यादव की वाइफ का नाम देविशा है, देविशा अकसर भारत के मैचों के अलावा आईपीएल में मुंबई इंडियंस के मैचों के दौरान चीयर करती दिखती हैं। सूर्यकुमार यादव और देविशा की बात करें तो दोनों की मुलाकात साल 2012 में हुई थी।

     

    सूर्यकुमार यादव की वाइफ का नाम देविशा है, दोनों की मुलाकात साल 2012 में हुई थी।
    सूर्यकुमार यादव की वाइफ का नाम देविशा है, दोनों की मुलाकात साल 2012 में हुई थी।

    दरअसल, दोनों तकरीबन 4 वर्षों तक रिलेशनशिप में रहे, जिसके बाद इस दोनों जोड़ी ने 29 मई 2016 को शादी रचाई, देविशा एक दक्षिण भारतीय लड़की है। सूर्यकुमार यादव से देविशा से की मुलाकात मुंबई के पोद्दार डिग्री कॉलेज में हुई थी।उस वक्त सूर्यकुमार यादव महज 22 साल के थे, जबकि देविशा उम्र में सूर्यकुमार यादव से 3 साल छोटी है। Read More – ज़रीन खान (जन्म: 14 मई 1987) एक भारतीय अभिनेत्री और मॉडल हैं, जो हिंदी और पंजाबी फिल्मों में काम करती हैं।

  • चलती ट्रेन में टॉयलेट के सामने रचाई शादीशुदा महिला से शादी

    चलती ट्रेन में टॉयलेट के सामने रचाई शादीशुदा महिला से शादी

    चलती ट्रेन में टॉयलेट के सामने रचाई शादीशुदा महिला से शादी

    चलती ट्रेन में टॉयलेट के सामने रचाई शादीशुदा महिला से शादी आपने पहले भी अनोखी शादियों के बारे में सुना होगा, लेकिन यह कहानी वाकई अलग है।

    बिहार के एक प्रेमी जोड़े ने चलती ट्रेन में टॉयलेट के सामने शादी कर ली। इस अनोखी शादी में अनु कुमारी नाम की एक महिला और आशु कुमार नाम के युवक ने भाग लिया। अनु पहले से ही शादीशुदा थी, लेकिन उसके और आशु के बीच गहरा प्यार था। लड़की का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था और उसकी शादी किसी और से करा दी थी।

     

    चलती ट्रेन में टॉयलेट के सामने रचाई शादीशुदा महिला से शादी
    चलती ट्रेन में टॉयलेट के सामने रचाई शादीशुदा महिला से शादी

    हालांकि, अनु और आशु ने अपने प्यार को जिंदा रखने का फैसला किया। वे सुल्तानगंज स्टेशन पहुंचे और बेंगलुरु जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए। ट्रेन में ही टॉयलेट के सामने, आशु ने अनु की मांग में सिंदूर भरकर शादी की रस्म पूरी की।

    इनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, और लोग इस अनोखी शादी की चर्चा कर रहे हैं

  • ज़रीन खान (जन्म: 14 मई 1987) एक भारतीय अभिनेत्री और मॉडल हैं, जो हिंदी और पंजाबी फिल्मों में काम करती हैं।

    ज़रीन खान (जन्म: 14 मई 1987) एक भारतीय अभिनेत्री और मॉडल हैं, जो हिंदी और पंजाबी फिल्मों में काम करती हैं।

    ज़रीन खान (जन्म: 14 मई 1987) एक भारतीय अभिनेत्री और मॉडल हैं, जो हिंदी और पंजाबी फिल्मों में काम करती हैं।

    ज़रीन खान (जन्म: 14 मई 1987) एक भारतीय अभिनेत्री और मॉडल हैं, जो हिंदी और पंजाबी फिल्मों में काम करती हैं। उन्होंने बॉलीवुड में डेब्यू सलमान खान के साथ वीर (2010) से किया और रेडी (2011) के गाने “कैरेक्टर ढीला” से लोकप्रियता हासिल की।

    ज़रीन खान (जन्म: 14 मई 1987) एक भारतीय अभिनेत्री और मॉडल हैं, जो हिंदी और पंजाबी फिल्मों में काम करती हैं।
    ज़रीन खान (जन्म: 14 मई 1987) एक भारतीय अभिनेत्री और मॉडल हैं, जो हिंदी और पंजाबी फिल्मों में काम करती हैं।

    उन्होंने हेट स्टोरी 3 (2015) और 1921 (2018) जैसी फिल्मों में दमदार भूमिकाएं निभाईं। पंजाबी सिनेमा में भी उन्होंने जट्ट जेम्स बॉन्ड जैसी हिट फिल्में दी हैं। ज़रीन अपनी खूबसूरती और अभिनय के लिए जानी जाती हैं।

  • काव्या मारन, सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की सह-मालकिन और फ्रेंचाइज़ी के प्रमुख चेहरों में से एक हैं।

    काव्या मारन, सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की सह-मालकिन और फ्रेंचाइज़ी के प्रमुख चेहरों में से एक हैं।

    काव्या मारन, सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की सह-मालकिन और फ्रेंचाइज़ी के प्रमुख चेहरों में से एक हैं।

    इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दौरान अक्सर टीम को चीयर करते हुए देखी जाती हैं और सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में रहती हैं। काव्या न केवल अपनी खूबसूरती, बल्कि अपने क्रिकेट ज्ञान और टीम प्रबंधन के लिए भी जानी जाती हैं। फैंस के बीच उनकी लोकप्रियता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून और समर्पण उन्हें एक प्रेरणादायक शख्सियत बनाता है।

    काव्या मारन, सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की सह-मालकिन और फ्रेंचाइज़ी के प्रमुख चेहरों में से एक हैं।
    काव्या मारन, सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की सह-मालकिन और फ्रेंचाइज़ी के प्रमुख चेहरों में से एक हैं।

    सनराइजर्स की सफलता में उनका योगदान सराहनीय है। हाल ही में एक तस्वीर वायरल हो रहा है जिसमे क्रिकेटर ईशान किशन और kavya Maran की एक तस्वीर वायरल हो रही है अब ये तस्वीर सही या गलत इस बात की पुष्टि मैं नही कर सकता लेकिन इन तस्वीरों ने तहलका मचा रखा है, अगर ये सही है तो स्वागत है ईशान किशन और काव्य मारण के इस निर्णय का और अगर गलत है

    तो फिर ऐसे AI से बनने वाले तस्वीरों पर पूर्णतः रोक लगनी चाहिए ! #ishankishan #kavyamaran #ipl2025

  • दीपावली के उपलक्ष्य में टैराकोटा से बने मिट्टी के दिए उपहार स्वरूप भेंट किए गये

    दीपावली के उपलक्ष्य में टैराकोटा से बने मिट्टी के दिए उपहार स्वरूप भेंट किए गये

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ट्रांजिट विजिट पर खजुराहो पहुंचे

    दीपावली के उपलक्ष्य में टैराकोटा से बने मिट्टी के दिए उपहार स्वरूप भेंट किए गये

    दीपावली के उपलक्ष्य में टैराकोटा से बने मिट्टी के दिए उपहार स्वरूप भेंट किए गये
    दीपावली के उपलक्ष्य में टैराकोटा से बने मिट्टी के दिए उपहार स्वरूप भेंट किए गये

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सपत्नीक शनिवार को ट्रांजिट विजिट पर खजुराहो विमानतल पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। साथ ही दीपावली के उपलक्ष्य में स्व सहायता समूह द्वारा बनाए गए टेराकोटा से मिट्टी के दिये उपहार स्वरूप भेंट किए। छतरपुर जिले के चंद्रनगर में माटी केंद्र भी बनाया जा रहा है। जिससे हस्तशिल्पकारों को प्रोत्साहन मिलेगा।

    दीपावली के उपलक्ष्य में टैराकोटा से बने मिट्टी के दिए उपहार स्वरूप भेंट किए गये
    दीपावली के उपलक्ष्य में टैराकोटा से बने मिट्टी के दिए उपहार स्वरूप भेंट किए गये

    इस अवसर पर विधायक छतरपुर ललिता यादव, राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया गया। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों में डीआईजी ललित शाक्यवार, कलेक्टर पार्थ जैसवाल, एसपी अगम जैन, जिला पंचायत सीईओ तपस्या परिहार, एडीएम मिलिंद नागदेवे, सहायक कलेक्टर काजोल सिंह, एसडीएम बलवीर रमन सहित अन्य अधिकारियों द्वारा भी मुख्यमंत्री का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया गया। तत्पश्चात मुख्यमंत्री डॉ. यादव सपत्नीक खजुराहो एयरपोर्ट से हेलिकॉप्टर द्वारा चित्रकूट में हो रहे अंतर्राष्ट्रीय रामलीला समारोह में शामिल होने के लिए रवाना हुए।

    दीपावली के उपलक्ष्य में टैराकोटा से बने मिट्टी के दिए उपहार स्वरूप भेंट किए गये
    दीपावली के उपलक्ष्य में टैराकोटा से बने मिट्टी के दिए उपहार स्वरूप भेंट किए गये
  • डिस्ट्रिक्ट हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन की 100 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

    डिस्ट्रिक्ट हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन की 100 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

    डिस्ट्रिक्ट हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन की 100 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

    यह कार्यक्रम श्री श्याम सिंगौर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग जिला डिंडोरी के मार्गदर्शन में हुआ।

    जागरूकता अभियान अंतर्गत बारहवे सप्ताह में श्रीमती नीतू तिलगाम प्रशासक वन स्टॉप सेन्टर डिंडोरी, श्रीमती निकिता मरकाम परामर्शदाता, श्रीमती स्मिता चौरसिया केस वर्कर (विधिक सलाहकार)द्वारा डिंडोरी के आंगनबाड़ी केंद्र 6 नंबर वार्ड में उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित महिलाओं को घरेलू हिंसा से संबंधित वन स्टॉप सेन्टर में दी जाने वाली सेवाओं के बारे में बताया गया।

    डिस्ट्रिक्ट हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन की 100 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
    डिस्ट्रिक्ट हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन की 100 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

    महिलाओं को बताया गया की यदि घर में आपके साथ कोई मारपीट कर रहा है तो वह भी हिंसा है इसकी शिकायत करें। चुप न रहें। इस दौरान महिलाओं को पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह निषेध अधिनियम, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र एवं अन्य विभागीय जानकारियां दी गईं।
    सहायता लेने के लिए बताए गए जरूरी नंबर : टोल फ्री नंबर महिला हेल्प लाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, वन स्टॉप सेन्टर डिंडोरी हेल्पलाइन नंबर 7828195167 के बारे में बताया गया।

    कार्यक्रम में वन स्टॉप सेन्टर केस वर्कर श्रीमती रागिनी धुर्वे भी उपस्थित रहीं।

  • प्रोजेक्ट संकल्प के तहत शुभारंभ हुआ निःशुल्क कोचिंग क्लास अब उज्जवल बनेगा बेटियों का भविष्य

    प्रोजेक्ट संकल्प के तहत शुभारंभ हुआ निःशुल्क कोचिंग क्लास अब उज्जवल बनेगा बेटियों का भविष्य

    प्रोजेक्ट संकल्प के तहत शुभारंभ हुआ निःशुल्क कोचिंग क्लास अब उज्जवल बनेगा बेटियों का भविष्य

    प्रोजेक्ट संकल्प के तहत शुभारंभ हुआ निःशुल्क कोचिंग क्लास अब उज्जवल बनेगा बेटियों का भविष्य
    प्रोजेक्ट संकल्प के तहत शुभारंभ हुआ निःशुल्क कोचिंग क्लास अब उज्जवल बनेगा बेटियों का भविष्य

    बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत जिला डिंडोरी में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के द्वारा 16 अगस्त 2024 को प्रोजेक्ट संकल्प का शुभारंभ किया गया था। जिसके परिपालन में कलेक्टर श्री हर्ष सिंह के निर्देशन में आज 5 सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर में निःशुल्क कोचिंग क्लासेस का शुभारंभ संभागीय संयुक्त संचालक श्रीमती शशि श्याम उईके ने फीता काटकर किया गया।

    संभागीय संयुक्त अधिकारी श्रीमती उईके ने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना केंद्र सरकार द्वारा संचालित है और आए दिन सरकार बेटियों के भविष्य के लिए नई नई योजनाएं नए प्रयास लाती रहती हैं उसी का यह एक क्रम है जो जिला डिंडोरी के लिए कारगर साबित हो सकती हैं। उन्होंने डिंडौरी जिले की बेटियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

    जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री श्याम सिंगौर ने बताया कि प्रोजेक्ट संकल्प के तहत जिला प्रशासन द्वारा बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिए एक नया प्रयास किया गया है। जिसमें बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सहायता हेतु निःशुल्क कोचिंग का लाभ देने का निर्णय लिया गया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के इस प्रोजेक्ट से जिला डिंडोरी के सैकड़ो बच्चियों का भविष्य संवारेगा।

    आज के इस कार्यक्रम की शुभारंभ बेला में चयन सूची के आधार पर लगभग 80 बालिकाएं उपस्थिति रही, ’उपरोक्त प्रोजेक्ट संकल्प की कोचिंग क्लासेस आनंदम दीदी कैफे प्रांगण डिंडौरी में संचालित होगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री सिंगौर ने बताया कि आनंदम दीदी प्रांगण में कक्षा का संचालन प्रातः 8 बजे से 10 बजे तक किया जाएगा।

    प्रोजेक्ट संकल्प के तहत शुभारंभ हुआ निःशुल्क कोचिंग क्लास अब उज्जवल बनेगा बेटियों का भविष्य
    प्रोजेक्ट संकल्प के तहत शुभारंभ हुआ निःशुल्क कोचिंग क्लास अब उज्जवल बनेगा बेटियों का भविष्य

    प्रोजेक्ट संकल्प के शुभारंभ कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर प्रशासन श्रीमती नीतू तिलगाम, परियोजना अधिकारी सुश्री प्रेरणा मर्सकोले, प्रशिक्षक सुश्री प्रीति सिंह मार्को, प्रशिक्षक श्रीमती प्रियंका, पर्यवेक्षक सुश्री कविता, सुश्री उर्मिला जंघेला एवं समस्त स्टाफ महिला एवं बाल विकास विभाग उपस्थित रहा।

देश-दुनिया की हर खबर, बस एक क्लिक पर

X
Home
वेब स्टोरीज़
YouTube
error: Content is protected !!